हिन्दी समाचार पत्रों का गिरता स्तर ।

  1. क्या आधुनिक बनने के लिए जरूरी है की अवैज्ञानिक और चोरी किए हुए शब्दो से बनी अँग्रेजी भाषा का प्रयोग किया जाएँ ?
  2. युवाओं को सही दिशा दिखाना समाचार पत्रों का कार्य है की व्यापार की आड़ मे उन्हें और भ्रष्ट करें ?
  3. 45% हिन्दी समाचार पत्र का सामाजिक स्तर पर बहुत गिर गया है
  4. इनके जाल संस्करण पर घटियां और नग्न सामग्री खुले आम परोसी जाती है आपत्ति करने पर तर्क देते है की पॉर्न सामाग्री सरकार नहीं बंद कर रही है हम क्या करें ? हम थोड़ी पॉर्न सामग्री बेच रहे है ?
  5. खबरों पर सार्थक विषय से अधिक नग्नता और मिर्च मसाला वाले खबरे बनाकर पाठको को उस लिंक तक पहुँचाने का घटियां खेल खेला जा रहा है ।
  6. मारिया शारापोवा ने अपने मंगेतर को छोड़ा तो पाठको को क्या ? सलमान को गुस्सा आया तो पाठको को क्या लेना देना ?
  7. इनके लिंक उन टीवी चेनलों से जुड़े हुए होते है फिर टीआरपी आँकी जाती है
  8. ऐश्वर्या के गर्भवती की सूचना पर 15-20 लेख छाप दिये इस पत्र ने ।
  9. नवभारत टाइम्स के जाल पृष्ठ पर कुछ विदेशी मॉडलों के नग्न फोटो लगाए जाते है उनके लिंक कई पॉर्न जाल प्रष्ठ से पाये गए थे शिकायत करने पर उन्हें निकाल दिया था ऐसा ही दैनिक भास्कर और खासखबर के जाल प्रष्ठ के साथ हुआ ।
  10. आजकल टीआरपी कमाने का नया खेल खेला जा रहा है समाचार पत्र मे एक मॉडल की नग्न चित्र छापा जाता है और नीचे लिखा जाता है की अधिक फोटो देखने और अधिक जानकार के लिए यहाँ क्लिक करें, क्या ये भ्रष्टाचार को बढ़ावा नहीं दे रहे है ?

टाइम्स कंपनी का तथाकथित प्रतिष्ठित समाचार पत्र नवभारत टाइम्स कहने को तो समाचार पत्र है लेकिन है असल मे एक न्यूज़ पेपर हैं वैसे जैसे एक व्यापारिक उदेश्य की जीवन शैली पत्रिका (LifeStyle Magazine) होती है

आपको इस समाचार पत्र मे कही भी ऐसा नहीं लगेगा की आप एक हिन्दी समाचार पत्र पढ़ रहे हो, कहने को समाचार पत्र है लेकिन है पूरी तरह अंग्रेज़ियत मे रंगा ऐसे ऐसे लेख आते है जो हमें अंग्रेज होने के फायदे बताते है ।

2 जुलाई को ऐसा ही एक लेख छपा है उसका नमूना आपको बताते है : जिसमे अँग्रेजी भाषा के बहुत शब्द है ।

प्रेग्नेंसी में दिखे गोर्जियस:

आमतौर पर महिलाएं कंसीव करने के बाद अपने बेडौल होते फिगर से घबराती हैं। लेकिन ऐसा नहीं है इस दौरान भी आप एक ग्लैमरस लुक पा सकती हैं। आपको विश्वास दिलवाने के लिए ना सिर्फ नैशनल, बल्कि कईइंटरनैशनल हस्तियों के उदाहरण भी हमारे सामने हैं। केट हडसन, मंदिरा बेदी वगैरह को देखकर इसका अंदाजा बखूबी लगा सकती हैं। अमेरिकन एक्ट्रेस केट हडसन भी अपने बेबी बंप के दौरान अल्ट्रा फैशनेबल नजर आईं , तो मंदिरा बेदी ने खूब दिखाया कि बड़ी साड़ी को प्रेग्नेंसी के दौरान भी किस तरह ड्रेसअप किया जा सकता है।

कलर थेरपी

प्रेग्नेंसी के दौरान अट्रैक्टिव लुक‘ पाने में आपकी ड्रेस और उसका कलर बेहद मायने रखता है इसलिए जब भी ड्रेसखरीदें, तो उसके कलर पर खास ध्यान दें। कलर ऐसा हो , जो आपके स्किन कलर को सूट करें और आपके चेहरे काग्लो बढ़ाए। ब्राइट कलर आपके मूड को दर्शाता है और आपकी पर्सनैलिटी को रिफ्लेक्ट करता है। आप अपनीपर्सनैलिटी को सूट करता हुआ कोई भी लाइट या ब्राइट चूज कर सकती हैं। आपको बता दें कि ग्रीन हीलिंग कलर है , तो रेड पर्पल रोमांटिक। अगर दिन में कहीं जाने का प्रोग्राम बन रहा हो , तो फ्लोरल प्रिंट्स औरपेस्टल पर बेस पहनें। अगर रात में आउटिंग का प्रोग्राम हो , तो बोल्ड कलर्स आपको ग्लैमरस दिखाएंगे।

अब ऐसे समाचार पत्रो से हिन्दी के विकास की आशा की जाती है ? ये कहाँ तक उचित है ? एक तरह से देश के लोगो के साथ धोखा कर रहे है

कुल मिलकर ये समाचार पत्र यह संदेश दे रहे है की सब कुछ अँग्रेजी मे ही निहित है हिन्दी मे कुछ नहीं रखा ।

इस लेख को यहाँ देखें : http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/8566533.cms


2 टिप्पणियाँ

  1. BOBBY
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    नवभारत तिमेस विदेशियों के हाथ बिका हुआ अख़बार है…यह सत्ता का चापलूस अख़बार है…इसका अपन अजेंडा है जिसके लिए ये विदेशी विचारधारा , ये धीरे धीरे समाज के गले उतर रहा है…इसकी हेडिंग्स एवं ब्लोग्ग्स देख कर यह स्पष्ट होता हे.

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    ये सब भारत की संस्कृति को नष्ट कने में लगे हुए हैं ….इनका एक ही इलाज है जब भी ऐसा हमारी आँखों के सामने आये तो ….इनका विरोध करो …व् देखना बंद करो ….